20 चक्का वाहनों का बंगाल में प्रवेश निषेध , झारखंड सीमा पर स्थिति विस्फोटक……

आसनसोल -झारखण्ड-बंगाल की सीमावर्ती क्षेत्र डिबुडीह के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो से बंगाल में प्रवेश कर रहे भारी वाहनों (दस व बीस पहिया) को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रवेश निषेध का आदेश देने के पश्चात् मंगलवार को वाहन चालको ने डीबुडीह पर अपने वाहनों को खड़ा कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह से ही झारखंड से बंगाल प्रवेश कर रही वाहनों को डीबुडीह में ही रोक दिया गया जिससे दूर दराज से आये वाहन चालक सुबह से ही सड़क पर खड़े रहे। इन्हें बंगाल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही थी जिसके करण राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर लम्बी कतार लग गयी और राजमार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। दोपहर होते-होते डीबुडीह पर सैकड़ों की तादाद में चालको ने सड़क पर बैठकर इसका विरोध किया।

स्थिति संभालने भारी मात्रा में पुलिस पहुँची

घटना की खबर मिलते ही अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिम) अनामित्रा दास, सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) , पुलिस निरीक्षक सह कुल्टी थाना प्रभारी राजू स्वर्णकार, बराकरफांड़ी प्रभारी सुदीप्तो प्रमानिक, चौरंगी पुलिस रैफ के साथ भारी संख्या में घटनास्थल पर पहुँच गए और स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। परन्तु देश के विभिन्न राज्यों से आये वाहन चालक कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे।पुलिस ने सभी को शांत करवाते हुये कहा कि ये तो राज्य सरकार का निर्देश है, जिसका हमलोग पालन कर रहे है। कोलकाता में अचानक पुल के गिरने से सरकार ने इस तरह के दस व बीस पहिया जैसे भारी वाहनों को राज्य में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है।

हमारा क्या कसूर ? अब सरकार ही हमें आगे का रास्ता बताए

गुस्साये ड्राइवरों को समझाते पुलिसकर्मी

चालको का कहना था कि हमलोगों का कसूर क्या है? हम लोगों को पिछले चार दिन से तो झारखंड बॉर्डर पर रोक कर रखा गया, उसके बाद जब जाम लगने लगा तो उधर से खदेड़ कर इधर भेज दिया। जब बंगाल बॉर्डर पर पहुँचे तो आगे जाने से रोक दिया गया। चालको ने कहा कि हम प्रशासन से ये चाहते है कि हमारे आगे जाने का रास्ता आप बताये। नहीं तो आओ हमें यही गोली मार दो, हम रास्ते पर से उठने वाले नहीं है। यहाँ राजस्थान, बिहार से आये वाहन चालक है, जिन्होने बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, हल्दिया के कई जगहों का सामान लाद रखा है। ड्राइवर रूप सिंह जो गाँधी धाम से हल्दिया जाना है। उनका कहना है कि आज चार दिन हो गये हमारे पास खाने के पैसे भी नहीं बचे है। हमें आगे नहीं जाने दिया जयेगा तो हमलोग भूखो मर जाएँगे और ट्रक की क़िस्त कहाँ से भरेंगे।

हमने सरकार को पूरा टैक्स दिया है, क्या सरकार हमारा टैक्स वापस करेगी

हरजीत सिंह जो राजस्थान से चलकर तापसिया मार्बल लेकर जाना है उसे बंगाल बॉर्डर पर रोके रखा है। वे अपना दुखड़ा रोते हुये कहे कि आज चार दिन से परेशान है। कोलकाता में ब्रिज गिरा है उसके चलते यहाँ कि सरकार ने बंगाल सीमा पर ही हमारी गाड़ियों को रोक कर रख दिया। हमारा पैसा क्या बंगाल सरकार देगी। हमने तोसभी प्रकार का टैक्स भर दिया है, उसे बंगाल सरकार वापस करेगी। रईश मल्लिक जो पंजाब से कोलकत्ता के गार्डेनरिच एलबेस्टर शीट लेकर आये है, उन्होंने कहा कि कबतक हम यूही बंगाल सरकार के आदेश के लिये खड़े रहेगे। हमारा खर्च बंगाल सरकार उठाये। हमारी गाड़ियों की क़िस्त चुकाए हमारा भाड़ा दे। भवर सिंह जिसने दुर्गापुर पावर का माल लाद रखा है। उसे भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिसपर उन्होंने कहा कि सरकार हमारा डंडा टैक्स वापस करे। दस चक्का से बीस चक्का तक के अनन्य राज्य के तीन हज़ार से दस हज़ार रोड टैक्स का भुगतान किया। क्या बंगाल सरकार उसे लौटायेगी। आखिर इतनी दूर दराज से आये ट्रक ड्राइवर दूसरे कंपनी और कारोबारियों के माल को कैसे पहुँचायेगे।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि आप छोटे वाहनों में माल को बदल कर उनके ठिकानों  पर भेज सकते है। समाचार लिखे जाने तक झारखंड से बंगाल सीमा पर बड़े वाहनों की लम्बी कतार लगी थी। राष्ट्रीय राज मार्ग दो के बंगाल-झारखंड स्थित डीबुडीह पर बने पुल पर भारी संख्या में बड़े वाहन खड़े रहे।

Jahangir Alam

Jahangir Alam

Desk Editor
Member, Board ofEditors (Monday Morning News Network)
Buero-in-charge : Dhanbad
Correspondent from Niyamatpur, Kulti, Barakar ( Dist. Pashchim Bardhman: West Bengal)
Jahangir Alam
Last updated: सितम्बर 11th, 2018 by Jahangir Alam

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