ओसीपी के ओवर बर्डेन पहाड़ों से धनबाद का विकास हो रहा प्रभावित , भाजपा नेता ने पीएमओ को लिखा पत्र

भाजपा युवा किसान मोर्चा के प्रदेश संयोजक अभिषेक सिंह ने पीएमओ में सौंपा पत्र

पूरे धनबाद क्षेत्र में ओपेन कास्ट परियोजनाओं के कारण दर्जनों ओवर बर्डेन पहाड़ बन गए हैं। ये पहाड़ धनबाद के विकास में बाधा पहुँचा रहे हैं। इसी बाबत भाजपा युवा किसान मोर्चा के प्रदेश संयोजक अभिषेक सिंह बीते 17 जून को पीएमओ दिल्ली गए और पीएमओ को एक पत्र सौंपा और उसमें इन मुद्दों को उठाया –

काफी कोशिश के बावजूद बीसीसीएल उत्पादन लक्ष्य पूरा नहीं कर पायी है

झरिया-देश के विकास में सुदृढ़ व्यवस्था के लिए विद्युत उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है जिसको लेकर विद्युत उत्पादन के मुख्य कारक कोयला जो ज्यादा से ज्यादा मात्रा में विद्युत परियोजना को मिले इसको लेकर कोल इंडिया द्वारा अपने सभी इकाईयों को विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए बड़ी संख्या में ओपेन कास्ट परियोजना के द्वारा कोयला उत्खनन हेतु योजनाएँ क्रियांन्वित हुई । जिसको लेकर कोल इंडिया कि मिनी रत्न ईकाई बीसीसीएल ने भी अपनी पूरी क्षमता के साथ निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश की।

पुनर्वास एवं विस्थापन नहीं होने के कारण नयी परियोजनाएँ बाधित होती है

लेकिन अथक प्रयासों के बाद भी कोयला उत्पादन लक्ष्य को नहीं भेद पाने की कशक उच्च प्रबंधन को सालता रहा , जिसका सबसे बड़ा कारण जो सामने निकल कर आया वो है कोयला उत्खनन के लिए परियोजनाओं का विस्तारीकरण का बाधित होना एवं नई ओपेन कास्ट कोल परियोजना के लिए उपलब्ध जमीन पर दशकों से बसे लोगों का सही तरीके से पुनर्वास एवं विस्थापन नीति का लागू होना।

ओपेन कास्ट कोल परियोजना ने दर्जनों ओवर बर्डेन पहाड़ों को जन्म दिया है

इस बड़े से प्रश्नचिन्ह के साथ जनहित के सबसे ज्वलंत मुद्दे को देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी के समक्ष उठाने का प्रयास भारतीय जनता युवा मोर्चा के युवा नेता सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अभिषेक सिंह ने सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में पत्र देकर किया , दिए गए पत्र में उल्लेख करते हुए युवा नेता ने कहा कि बीसीसीएल के धनबाद क्षेत्र में दर्जनों ओपेन कास्ट कोल परियोजना के द्वारा कोयला उत्खनन करने बाद निकाले गए ओवर वर्डेन को पहाड़ बना कर कर छोड़ दिया गया है जो पुनर्वास एवं विस्थापन नीति की सबसे बडी बाधा है ।

ओवर बर्डेन पहाड़ों को समतल कर उस पर पुनर्वास किया जा सकता है

यदि इसी ओवर वर्डेन दर्जनों पहाड़ो को समतलीकरण कर ठोस जमीन तैयार कर दी जाए तो उक्त जमीन पर स्थानीय विस्थापित लोगों को जरेडा के तहत पुनर्वासित किए जाने का प्रयास किया जा सकता है। जिससे लोगों को अपने बसे-बसाए घर को छोड़ने का दर्द भी काफी हद तक नहीं होगा और राष्ट्र हित में देश के विद्युत परियोजना को उसकी मांग के अनुरूप कोयले की उपलब्धता हेतु कोल कंपनियो को लोगों से सहयोग अपेक्षित हो सकेगा।

Last updated: जून 24th, 2019 by News Desk Dhanbad

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