स्कुल सचिव ने प्रधानाध्यापिका कार्यालय में जड़ा ताला, गहराया विवाद

प्रधानाध्यापिका कार्यालय में जड़ दिया गया ताला

नियामतपुर स्थित हिंदी माध्यम स्कुल श्री हरिहर बालिका बिधालय के प्रधानाध्यापिका कार्यालय में ताला जड़ दिया गया।

बुधवार (26 जुलाई) को स्कुल प्रबंधन द्वारा प्रधानाध्यापिका कार्यालय में ताला जड़ देने का मामला काफी तुल पकड़ गया.

इस घटना पर स्कुल की प्रधानाध्यापिका ने नियामतपुर फाड़ी और महकमा शासक को लिखित शिकायत दी है.

वहीं इसके कारण स्कुल में पठन-पाठन की क्रिया भी प्रभावित रही और बच्चों के अभिभावको में भी चिंता देखी गयी।

घटना के विषय पर मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह अन्य दिनों की तरह प्रधानाध्यापिका सुनीता सिंह अपने कार्यालय पहुंची।

कार्यालय पहुँचने पर उन्होने देखा कि उनके कार्यालय के दरवाजे पर ताला जड़ा हुआ है.

उन्होंने आश्चर्यचकित होकर चपरासी को ताला खोलने का आदेश दिया

परन्तु चपरासी ने कहा कि प्रबंधन कमिटी के सचिव उमेश गोयन्का ने ताला ना खोलने कि सख्त हिदायत दे रखी है.

शिक्षकों ने किया विरोध

इस विषय पर जब सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को जानकारी मिली तो उन्होने विरोध जताया।

सचिव के आदेश को तानाशाही बताते हुए स्कुल में पठन-पाठन बंद रखा.

थाने में दर्ज कराई शिकायत

प्रवंधन कमिटी के अध्यक्ष और सक्रिय सदस्यों को इसकी जानकारी देते हुए नियामतपुर फाड़ी शिकायत दर्ज कराई गयी।

प्रधानाध्यापिका सुनीता सिंह ने स्कुल सचिव के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कारवाई।

महकमा शासक को भी दी जानकारी

थाने में शिकायत दर्ज कराने के उपरांत आसनसोल महकमा शासक प्रलय राय चौधरी से मिलकर लिखित शिकायत उन्हें भी दी.

शिकायत मिलते ही श्री चौधरी ने स्कुल निरक्षक को घटना स्थल पर जाने को कहा और वहाँ की पूरी जानकारी लेकर रिपोर्ट सौपने का आदेश दिया.

प्रबंधन समिति के सदस्यों ने भी निंदा की

प्रबंधन समिति के वरिष्ठ सदस्य तारा प्रसन्न घांटी  ने कहा कि घटना कि जानकारी मिली है।

उन्होने इस पूरे घटनाक्रम की निंदा की ।

उन्होने कहा कि सचिव व प्रधानाध्यापिका के बीच किसी प्रकार का विवाद उत्पन हुआ है तो इसे समिति के समक्ष रखना था ।

इस प्रकार प्रधानाध्यापिका कार्यालय में ताला जड़ना ठीक नहीं है.

समिति के सचिव ने अपने कृत्य को जायज ठहराया

स्कुल सचिव श्री गोयनका ने आपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्रधानाध्यापिका श्रीमती सिंह ने बिना समिति से इजाजत लिए मंगलवार को बिना पूर्व सूचना के छुटी दी इसकी जानकारी मांगने पर बुधवार को एक बजे तक स्कुल नहीं पहुंची.

जबकि कार्यालय में काफी जरुरी कागजात होने के कारन मैंने सुरक्षा के मद्देनजर ताला जड़ना उचित समझा.

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Last updated: अक्टूबर 11th, 2017 by Pankaj Chandravancee
Pankaj Chandravancee
Chief Editor (Monday Morning)
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