रेलवे मार्केट के फुटपाथ के दुकानों को तोड़ देने का कारण दुकानदारों को हो रही भारी कठिनाई

अतिक्रमण अभियान के तहत शहीद सदानन्द झा रेलवे मार्केट गोमो के सड़क के किनारे वर्षों से बसे सैकड़ोंं अवैध दुकानों को तोड़ दिए जाने के कारण , इन फुटपाथ के दुकानदारों के बीच रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है।

कई दुकानदारों ने कहा कि हम लोगों का नरकीय जीवन हो गया है। हम लोग इस मार्केट में बीते 40 वर्षों से दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। करीब चार महीने पूर्व रेल प्रशासन ने अभियान चलाकर सैकड़ों दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। हम लोगों ने भी सरकार के काम में कोई विरोध नहीं किया। अब हम सभी सब्जी और फल दुकानदार रेलवे मार्केट से आधा किलोमीटर दूर रेलवे फुटबॉल मैदान में अपनी दुकान लगा रहे हैं। इस कड़ाके की धूप और बरसात के पानी से सभी दुकानदार बेबस हैं । हम सभी दुकानदारों को रेल अधिकारियों के द्वारा कहा गया है कि कोई भी दुकानदार खुटा प्लास्टिक आदि नहीं लगाना है। सिर्फ छाता लगा सकते हैं।

दुकानदारों ने कहा आँधीपानी होने से छाता में दुकानदारी करने में काफी दिक्कत हो रहा है। गर्मी तो हमलोगों ने जैसे-तैसे गुजार लिए अब बरसात शुरू हो गई है। अब क्या होगा अभी शुरू के ही बारिश के पानी से मैदान में कई जगह कीचड़ हो गया है। रोज दुकान लगाना फिर सारे सामान को अपने घर ले जाना काफी मुश्किल हो रहा है। दुकानदारी भी चौपट हो गई है। रोज महजन का कर्जा गिर रहा है। परिवार पालना मुश्किल हो गया है। हम दुकानदारों का जीवन नर्क सामान हो गया है।

इस मामले पर गोमो के समाज सेवी इसराफिल अंसारी ने कहा कि गोमो के सभी फुटपाथ के दुकानदारों को काफी दिक्कत हो रही है। हम सरकार से यह मांग करते हैं कि गोमो में रेलवे की काफी जमीन बेकार पड़ी है वैसे जमीन पर सरकार दुकान मार्केट बनाकर दे और दुकानदारों से किराया वसूले उससे सरकार को भी फायदा होगा। और दुकानदार भी दुकानदारी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर सकेंगे ।

Last updated: जून 22nd, 2020 by Nazruddin Ansari
अपने आस-पास की ताजा खबर हमें देने के लिए यहाँ क्लिक करें

हर रोज ताजा खबरें तुरंत पढ़ने के लिए हमारे ऐंड्रोइड ऐप्प डाउनलोड कर लें
आपके मोबाइल में किसी ऐप के माध्यम से जावास्क्रिप्ट को निष्क्रिय कर दिया गया है। बिना जावास्क्रिप्ट के यह पेज ठीक से नहीं खुल सकता है ।