नियामतपुर शिवरात्रि मेले का हुआ उद्घाटन- 75 वर्षों से हो रहा आयोजित

वर्ष 1944 यानि आजादी पूर्व से आयोजित नियामतपुर हरिहर बाबा शिवमंदिर मेल मैदान में ऐतिहासिक शिवरात्रि मेला का शुभारंभ हुआ। मंगलवार की संध्या महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य पर आयोजित भव्य मेला का उद्घाटन कुल्टी थाना प्रभारी पार्थ सिकदर एवं आसनसोल नगरनिगम के एमएमआईसी मीर हाशिम ने संयुक्त रूप से किया।

इस दौरान नियामतपुर फांड़ी प्रभारी पलाश मंडल, पार्षद बादल पुईतुंडी, मेला कमीटी के सचिव उत्तम चौधरी, कॉंग्रेसी नेता चंडी चटर्जी, फाब्ला नेता शाहिद रजा अंसारी, पूर्व पार्षद चुनचुन राऊत, नियामतपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव गुरवीन्द्र सिंह सहित स्थानीय गणमान्य व्यक्तिगण उपस्थित थे। मौके पर वक्ताओ ने कहा कि इसबार शिवरात्रि मेले का 76वां वर्ष पूरा हो रहा है।

मेले का इतिहास बताते हुये मेला कमिटी के सचिव उत्तम चौधरी ने कहा कि यह मेला दशकों पुराना और अपने अंदर कई मधुर अतीत समेटे हुये है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1944 में हरिहर बाबा ने शिवरात्रि पूजा करते हुए मेले का आयोजन किए थे। इसके बाद से प्रत्येक वर्ष निरंतर मेले का आयोजन किया जा रहा है। समय के साथ वर्तमान मेला भी आधुनिक हुआ है और लोगों के मनोरंजन के कई साधन मेले में उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि यह मेला लोगों को दौड़ती-भागती जिंदगी से अलग कर एक मनोरंजन देने के मकसद से किया जाता है, इसलिए मेला घूमने आए और शांति पूर्वक इसका आनंद उठाए।

चैंबर सचिव गुरवीन्द्र सिंह ने कहा कि हमारे बुजुर्ग मेले का आयोजन इसलिए करते थे कि लोग एक साथ मिलकर आनंदित हो सके . उन्होंने कहा जिंदगी का असली आनंद उठाना है तो मेले में ही उठा सकते है,यह सुविधा ऑनलाईन नहीं मिलती है, क्योंकि आज इन्टरनेट का जवाना है और लोगों का अधिकत्तर समय नेट पर ही व्यतीत होता है, ऐसे समय में इस तरह के भव्य मेले का आयोजन लोगों के लिए अमृत सामान साबित होगा।

एमआईएसी मिर हाशिम ने कहा कि मेले की परम्परा हमारे देश में बहुत ही पुराना है, मेले में बच्चों-महिलाओं का मनोरंजन होता है . उन्होंने कहा कि इस नियामतपुर शिवरात्रि मेले का अपना ही महत्त्व है, हमलोग बचपन से इस मेले का आनंद उठाते आ रहे है। आज भी जिन युवतियो का विवाह हो गया है और जो युवक कार्यवश अनयंत्र रहते है, वे लोग भी इस शिवरात्रि मेले का इंतजार करते है और मेला का आनंद उठाने नियामतपुर अवश्य आते है।

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Last updated: मार्च 6th, 2019 by Jahangir Alam