अपने महा नागरिक के व्यवहार से हम सभी लोग आहत हुए हैं – अजय कुमार चौबे

दुर्गापुर जन विकास सेवा संघ के सचिव अजय कुमार चौबे ने बीते 4 अगस्त को दुर्गापुर नगर निगम के मेयर दिलीप अगस्ति के व्यवहार पर दुख जताते हुये सपना संदेश हमे भेजे हैं जिसे हम बिना संपादित किए हुये ही प्रकाशित कर रहे हैं । इस संदेश में व्यक्त सभी विचार अजय कुमार चौबे की हैं , वर्तनी में अशुद्धि के अलावे एक शब्द को भी बदला या हटाया नहीं गया है। गौर तलब है कि बीते 4 अगस्त को दुर्गापुर के एक कॉलेज में हिन्दी में आयोजित कार्यक्रम के विरोध में मेयर  उठ कर चले गए और कॉलेज अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया ।  हिन्दी भाषा-भाषी समाज में इस घटना की तीव्र आलोचना हुई है । 



एक दुर्भाग्य था निश्चय आप लोग गूगल पर सर्च करेंगे लगन देव सिंह यादव हावड़ा से सात बार वाम मोर्चा से एमएलए थे लेकिन उनको मंत्री पद नहीं दिया गया , जो भी हो हिंदी भाषा भाषियों ने अपनी पहचान बनाई , कलम चलाने से लेकर कुदाल चलाने तक । यहाँ एक चीज मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि राजस्थान, यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश से आए किसी भी धर्म और किसी की जाति के लोग यहाँ के लिए हिंदी भाषा-भाषी ही हैं । हां निश्चय यहाँ के बंगाली समाज का मैं तहे दिल से स्वागत करता हूँ । बंगाल की संस्कृति लोगों को प्यार देना जानती है । लोगों को मिला कर रखना जानती है और इस परंपरा को आगे बढ़ाने में हिंदी भाषा भाषियों का भी बहुत बड़ा योगदान है । अगर आसनसोल स्वविकसित शहर है तो दुर्गापुर प्लानिंग शहर है । दुर्गापुर का प्लानिंग भूतपूर्व मुख्यमंत्री डॉ० राय जी ने किया था।

वाममोर्चा मोर्चा के समय भी शिक्षा के क्षेत्र में बहुत कार्य हुए हैं लेकिन दुःख इस बात का है कि यहाँ पर प्राइमरी सरकारी स्कूल से कक्षा 1 से कक्षा 4 तक अंग्रेजी को हटा दिया गया था जिसका लगभग सभी लोगों ने विरोध किया था ।

ममता बनर्जी जी के अगर कार्यकाल का बात की जाए तो हिंदी के क्षेत्र में उनका योगदान बहुत महत्त्वपूर्ण रहा है । ममता बनर्जी जी ने सबसे पहले शिल्पाचल और कोयलाञ्चल के कई वर्षों से लंबित नए जिले की मांग को पूरा कर दिया । जिला का जिसका गठन पश्चिम बर्द्धमान के नाम से संभव हुआ यह एक बड़ी उपलब्धि है।

आज जिलाधिकारी आसनसोल में कार्यरत हैं , उनका कार्यालय है, जिला अस्पताल भी आसनसोल में खुला यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है । हिंदी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में वृद्धि दर्ज की गई । माध्यमिक से उच्च माध्यमिक का दर्जा दिया गया लेकिन अभी भी कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है फिर भी कार्य प्रगति पर है ।

माननीय मुख्यमंत्री जी का एक बहुत बड़ा कदम यह भी था 2011 के बाद छठ पूजा पर अवकाश। मुख्य मंत्री की इस घोषणा ने पूरे हिन्दी भाषियों का दिल जीत लिया था। इसके लिए मुख्यमंत्री को मैं दिल से धन्यवाद देता हूँ ।

आप लोग गूगल पर जरूर सर्च करेंगे कि कोलकाता के मेयर रहते हुए सुब्रतो मुखर्जी जी ने भी एक बार हिंदी भाषा भाषियों के ऊपर अपना बयान दिया था जिसकी बहुत निंदा हुई थी सभी समाज में निंदा किया था।

हिंदी में प्रश्न पत्र की मांग कई वर्षों से की जा रही थी जिसे माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरा किया । अभी वर्तमान समय में हिंदी विश्वविद्यालय का भी सपना पूरा होने जा रहा है माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जी के द्वारा ।

अपनी मातृभाषा और अपने देश की राजभाषा साथ ही साथ सभी प्रांतों की भाषा का सम्मान हम सभी को करना चाहिए

सभी भाषा का सम्मान , हम सभी हिंदी भाषा वासी करते हैं । अगर कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए , निजी स्वार्थ के लिए अफवाह फैलाने के लिए चाहे वह किसी भी जाति धर्म और किसी भी भाषा भाषी के हो यह पूरे समाज के लिए दुःखदाई है ।

हम सभी को याद है कि माननीय जितेंद्र तिवारी जी को जब माननीय मुख्यमंत्री ने मेयर का घोषणा किया था तब हिंदी भाषाभाषी मेयर का उस समय पूरे बंगाल में उत्साह का माहौल था । चाहे बंगला भाषा-भाषी के लोग हों चाहे हिंदी भाषा भाषी के लोग , चाहे आदिवासी समाज, अल्पसंख्यक समाज , सभी ने दीदी के फैसले को सराहा ।

दुर्गापुर के माननीय में बहुत ही बुद्धिजीवी व्यक्ति हैं और ऐसे व्यक्ति से हम लोग ने जब इस घटना को सुना तो पहले तो हम लोगों को विश्वास नहीं हुआ । फिर हम लोगों को बहुत दुःख हुआ । माननीय मेयर जी अपनी बात कालेज प्रबंधन को बताते , उन्होंने एकाएक इस्तीफा दे दिया और पूरे घटनाक्रम को एक ऐसा रूप दे दिया जो चर्चा का विषय बन गया।

कोई भी राजनीतिक पार्टी, भाषा के ऊपर अगर भेदभाव करेगी तो यह समाज के लिए अच्छा नहीं है । अफवाह और समाज को तोड़ने वाली बातों पर भी हम लोगों को ध्यान देना होगा ।

ऐसी उम्मीद हमलोग अपने महा नागरिक से कभी नहीं करते हैं । यह बहुत ही दुःखद घटना हुआ है । इससे हम सभी लोग आहत हुए हैं । लोकतंत्र में अपनी बात सभी लोग रख सकते हैं यह हमारे देश की परंपरा है लेकिन इतना जल्दी जल्दी में ऐसा निर्णय ले लेना एक महा नागरिक जो शहर के पहले व्यक्ति हैं , प्रथम व्यक्ति हैं।

यदि आप भी अपनी कोई बात या निजी राय मंडे मॉर्निंग के माध्यम से देश-दुनिया को बताना चाहते हैं तो हमें इस पते पर लिख भेजें - [email protected] ध्यान रखें कि लेख अधिक लंबा नहीं होना चाहिए। वर्तनी की अशुद्धि अधिक न हो, कहीं से कॉपी-पेस्ट न हो। चुनिंदा लेखों को ही हम स्थान दे पाएंगे। अपना मोबाइल नंबर लिखना न भूलें
Last updated: सितम्बर 10th, 2019 by News Desk Monday Morning
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