अवैध कोयला खदानों से गुलजार होने लगा कोयलांचल

रानीगंज-अंडाल के कोयलांचल क्षेत्रों से एकबार भी अवैध कोयला खदानों की खबरें आने लगी है। वर्ष 2011 में सत्ता परिवर्तन के साथ ही मुख्य मंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि इस क्षेत्र से अवैध कोयला व्यापार को बंद किया जायेगा एवं इस पर बहुत अच्छा काम भी हुआ।

आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट का गठन किया गया जिसके पहले कमिश्नर अजय कुमार नंद के नेतृत्व में कोयला माफियाओं का साम्राज्य धराशायी हो गया। इलाके के ज्यादातर कोल माफिया या तो भाग गये या पकड़े गये। कोयला माफिया सरगना के रूप कुख्यात राजू झा गिरफ्तार किये गये फिर छोड़े भी गये और फिर गिरफ्तार किये गये। हालांकि उनकी गिरफ्तारी और रिहाई कई बार हुई तभी से यह कयास लगाये जाने लगे थे इस क्षेत्र से अवैध कोयला खनन फिर से शुरू हो सकता है।

इसी बीच नवंबर 2015 में अजय कुमार नंद के तबादले की खबर आयी। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार अजय कुमार नंद का तबादला करवाया गया बहरहाल सच जो भी हो लेकिन इस खबर से कोयला माफियाओं में खुशी की लहर दौड़ गयी थी। सभी ने एक सुर में अच्छे दिन वापस आने की घोषणा भी कर दी थी। मंडे माॅर्निंग ने इस खबर को प्रमुखता से छापा भी था।

नये कमिश्नर लक्ष्मीनारायण मीना ने जून 2016 में अपना पदभार संभाला, तभी से गाहे-बगाहे अवैध कोयला खदान की खबरे आये दिन खबरों में आती रही परंतु बीते कुछ महीनों से इस अंचल में अवैध कोयला खदानों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। जो काम पहले रात के अंधेरे में होता था अब दिन के उजाले में होता है।

सख्त पहरे में होता है अवैध खनन

कोयलांचल में चल रहे अवैध कोयला खदाने काफी सख्त पहरे में चलायी जा रही है। किसी भी अनजान व्यक्ति को आस-पास खड़ा भी नहीं होने दिया जा रहा है। आस-पास हथियारों से लैस गुंडे चैबिसों घंटे पहरे में लगे रहते है।
हमारे संवाददाता ने अपनी जान जोखिम में डाल कर एक खदान की तस्वीर लाने में कामयाब हो सके। बाकि जगहों के पास उन्हें जाने ही नहीं दिया गया।

मिडिया से नहीं है कोई डर

अवैध कोयला खदानों के पहरे में लगे गुंडो का कहना है कि उन्हें किसी भी मिडिया से कोई डर नहीं है। ईसीएल अधिकारी, थाना और नेता सभी को उसका चढ़ावा चला जाता है कोई भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।

कुआर्डी कोलियरी में अवैध खनन


रानीगंज थाना के जेके फांड़ी क्षेत्रांतर्गत कुआर्डी कोलियरी 12 नः के नजदीक नोनिया नदी से संलंग्न एक अवैध कोयला खनन किया जा रहा है।

अवैध कोयला खनन क्षेत्र से महज 300 मीटर की दूरी पर कोलकाता की ओर जाने वाली मुख्य रेल लाइन है। वहां से 1 कि0मी0 की दूरी पर ईसीएल का पिट नः 14 एवं 15 है ।

सूत्रों से मिली खबर के अनुसार इस खनन में कोलियरी के मैनेजर, एजेंट सह कई आला अधिकारी की संलिप्तता हो सकती है। स्थानीय पुलिस एवं सत्ताधारी  नेताओं की संलिप्तता तो बताने की जरूरत ही नहीं है।

माफियों का मनोबल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अवैध खनन दिन के उजाले में जेसीबी मशीन लगाकर किया जा रहा है एवं प्रतिदिन 4 से 5 डम्पर कोयला यहाँ से निकाल लिया जा रहा है।

काजोड़ा क्षेत्र के बाबाईसोल, धानदाड़ी, परसकोल में भी धड़ल्ले से जारी है अवैध खनन

हमारे संवददाता के रिपोर्ट के मुताबिक काजोड़ा क्षेत्र के बाबाईसोल, धानदाड़ी, परसकोल में भी अवैध कोयला उत्खनन जारी है हालांकि यहाँ उत्खनन एवं ढुलाई का काम रात में होता है।

बनजिमारी कोलियरी से हो रही खुलेआम कोयले की चोरी

सालानपुर : ईसीएल सालानपुर क्षेत्र के बनजिमारी कोलियरी से इन दिनों खुलेआम जमकर कोयले की लूट जारी है और मजे की बात यह है कि यहाँ से कोयला चोरी सबके नजरों के सामने ही होता है. प्रत्येक दिन सुबह-सुबह कोलियरी से सटे इलाके के लोग आराम से कोलियरी का कोयला साईकल अथवा ट्रकों  में लोड करके कोलियरी के रास्ते से ही ले जाते है. जो सुबह दस बजे तक जारी रहता है. इस क्रम में कोयला तस्कर एजेंट कार्यालय से होकर गुजरते है.

सीआइएसएफ व ईसीएल के सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहते है. लेकिन कोई इन्हें टोकता तक नहीं है. स्थानीय कर्मचारियों द्वारा पूछे जाने पर बताया कि यहाँ के एजेंट नीरज कुमार सिन्हा तो कभी-कभार ही कार्यालय आते है, ऐसे में कोयला तस्करों पर पाबंदी कैसे लग पायेगी. वही उनलोगों ने बताया कि एक तरफ डीओ का कोयला लोड होता है और दूसरी तरफ इन तस्करों का. वहीं डीओ का कोयला भी क्षमता से अधिक ही भरा जाता है और सभी के मिलीभगत से चालान क्षमता के भीतर बनाकर उक्त वाहनों को निकाला जाता है.

उन्होनें बताया कि क्रेशर मशीन भी नियमों की अनदेखी कर चलाया जा रहा है. जिससे कोयले का डस्ट से ईसीएल आवासीय क्वार्टर भर जाता है और इसमें रहने वाले कर्मियों को काफी परेशानी होती है. जबकि डस्ट ना उड़े इसके लिए मशीन लगाया जाना चाहिए था.

गौरतलब है कि ईसीएल प्रबंधन अवैध कोयला तस्करी रोकने के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है, सोदपुर क्षेत्र में लगातार अवैध खदानों की डोजरिंग कर भराई की जा रही है. लेकिन ईसीएल मुख्यालय से महज 10-12 किलोमीटर दूर स्थित सालानपुर क्षेत्र के बनजिमारी कोलियरी में स्थानीय प्रबंधन, सीआइएसएफ व ईसीएल के सुरक्षा कर्मियों  की मिलीभगत से खुलेआम कोयले की चोरी की जा रही है. जिससे ईसीएल के साथ ही देश के राजस्व को करोड़ों रुपए का चुना लग रहा है. इस विषय पर बंजेबमरी कोलियरी

प्रबन्धक  यू.पी चैधरी से पूछे जाने पर उन्होंने काफी बचकाना और बेपरवाही से कहा कि ये लोग कोयला कहां से लाते है मुझे नहीं पता है ! अपने सुरक्षा कर्मियों से जाँच करवायेगे !

जयमंडल है सरगना

इस अवैध खनन में स्थानीय स्तर पर कल्याण राय, हुदुम बाउरी का नाम सामने आ रहा है परंतु इसके सरगना के रूप में जयमंडल का नाम सामने आ रहा है। स्थानीय सूत्रों से मिली खबर के अनुसार अंडाल-रानीगज-आसनसोल के सभी अवैध कोयला खनन का नेतृत्व जयमंडल ही कर रहा है।

Last updated: जनवरी 23rd, 2019 by Pankaj Chandravancee

Pankaj Chandravancee Pankaj Chandravancee
Chief Editor (Monday Morning)
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