पुलिस और नक्सलियों के बीच घंटों मुठभेड़ से थर्राया जंगल

चतरा : तड़के सुबह पुलिस और भाकपा माओवादी नक्सलियों के बीच पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र में घंटों मुठभेड़ हुई। मेरमगड्डा जंगल में हुए इस मुठभेड़ में दोनों ओर से करीब दो सौ राउंड गोलियाँ चली। इस दौरान गोलियों के आवाज से पूरा जंगल और इलाका थर्राता रहा। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद जहाँ नक्सली जंगल का लाभ उठाकर मौके से भागने में सफल रहे वहीं पुलिस जंगल की घेराबंदी कर नक्सलियों की धरपकड़ को लेकर सर्च अभियान चलाने में जुट गई है। एसपी के नेतृत्व में सीआरपीएफ, जगुआर, कोबरा, सैट और जिला बल के जवान घने जंगलों में सघन सर्च अभियान चलाने में जुटे हैं।

दूसरी ओर से एएसपी निगम प्रसाद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक और सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक राम अवध सिंह भी नक्सलियों की घेराबंदी में लगे हैं। मुठभेड़ के बाद पुलिस का दावा है कि दस्ते में शामिल नक्सली जंगल में ही छिपे हैं जिन्हें पकड़ लिया जाएगा। लम्बे अंतराल के बाद एक बार फिर से प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के नक्सली जिले में दस्तक दे चुके हैं। नक्सलियों के दहशत से जहाँ ग्रामीण दहशत में है पुलिस की बेचैनी भी बढ़ गई है। दुर्दांत माओवादी दीपक यादव का दस्ता जिले में संगठन के खिसकते जनाधार को पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से पत्थलगड़ा इलाके में सक्रिय हो चुका है।

इस दस्ते में आधुनिक हथियारों से लैश करीब डेढ़ दर्जन माओवादी पुलिस को बड़ी क्षति देने की फिराक में लगे हैं। बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में लगे यह माओवादी घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में विचरण कर विकास योजनाओं को प्रभावित करने में जुटे हैं। ताकि काम ठप होने के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुँचने वाली पुलिस पार्टी को टारगेट किया जा सके। इसी उद्देश्य के तहत नक्सलियों का दस्ता पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र के मेराल-मेरमगड्डा इलाके में सक्रिय है। जानकारी के अनुसार नक्सलियों के इस गतिविधि की पूरी जानकारी एसपी को मिल रही थी।

लगातार मिल रही सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए एसपी दल बल के साथ माओवादियों की धरपकड़ के लिए छापामारी अभियान में निकले थे। अभियान के दौरान ही पुलिस को जंगल में आता देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसका जवाब देते हुए जवानों ने भी तत्काल मोर्चा संभाला और नक्सलियों को मुँहतोड़ जवाब दिया। जिसके बाद खुद पर पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल का लाभ उठाकर भाग निकले।

लंबे समय के बाद इलाके में सक्रिय हुए नक्सली पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र के घोर नक्सल प्रभावित मेरामगड्डा जंगल में स्थित प्राथमिक विद्यालय में रात बिताई थी। वहीं डरा धमकाकर गाँव में खाना बनवाकर खाया था। माओवादियों के इस दस्तक और गोलियों की तड़तड़ाहत से इलाके के ग्रामीण डरे और सहमें हैं।

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Last updated: नवम्बर 30th, 2018 by Ravi kumar Verma

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Correspondent Bokaro(Jharkhand)
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