दो दिनों में ही कैसे झुक गया पाकिस्तान ……?

विंग कमांडर अभिनंदन की बहादुरी से डरा पाकिस्तान

दिन भर के इंतजार के बाद आखिर पाकिस्तान ने भारतीय वायु पुत्र विंग कमांडर अभिनंदन को भारत को सौंप दिया । लेकिन सौंपने से ठीक पहले सेना ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उसने अभिनंदन से वह सब उगलवाया है जो वो उगलवाना चाहते हैं। इस वीडियो में 17 कट्स हैं। आसानी से समझा जा सकता है कि किस दबाव में उनसे बयान लिए गए ।

दरअसल पाकिस्तान विंग कमांडर अभिनंदन की लोकप्रियता से डर गया । अभी पूरे देश में अभिनंदन का ही वंदन हो रहा है, उनकी बहादुरी के किस्से चर्चा में हैं और पूरा देश एकजुट है , उसका मनोबल बहुत ऊंचा है।

यह सब पाकिस्तान को रास नहीं आया और उसने भारतीयों का मनोबल तोड़ने के लिए अभिनंदन का एक वीडियो जारी किया है । भारतीय दर्शक पाकिस्तान के इस प्रोपोगैंडा के जाल में फँसने से बचें यदि आपके पास ये वीडियो आता है तो कृपया इसे फॉरवर्ड न करें बल्कि डिलीट कर दें

भारतीय कूटनीति और सेना की ताकत के फलस्वरूप हुई रिहाई

जो लोग अब भी इमरान खान की तारीफ करते हैं और कहते हैं जेनेवा समझौते के वजह से अभिनंदन की वापसी हुयी है उन्हें जान लेना चाहिए कि ये बात सही है कि अभिनंदन की वापसी जेनेवा समझौते के वजह से ही हुयी है लेकिन जेनेवा समझौते में समय सीमा नहीं है।इससे पहले के उदाहरण को देखे तो पता चलेगा कि हमारे कुछ सैनिकों को पाकिस्तान ने एक साल बाद रिहा किया है जबकि जेनेवा समझौता तो तब भी लागू था ।  पाकिस्तान चाहता तो कम से कम एक महीने तक उसे अपने पास रख सकता था। यातनाएं दे सकता था । भारत को यूएन और आईसीजे तक जाने की नौबत पड़ सकती थी . अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से दबाव के लिए दर-दर  भटकना पड़ सकता था।

इस मामले में भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका निस्संदेह सराहनीय है जिनके कुशल कूटनीति का ही परिणाम था कि पाकिस्तान अभिनंदन को दो दिन से अधिक नहीं रख पाया । दुनिया के तमाम बड़े देश पहले से ही भारत के साथ खड़े थे । उनका दोस्त चीन भी इस बार पाकिस्तान का बचाव नहीं कर पाया । इसका श्रेय यदि वर्तमान सरकार को नहीं देंगे तो यह वैचारिक बेईमानी होगी ।

केवल कूटनीति ही नहीं पाकिस्तान भारतीय सेना की तैयारियों से भी घबराया हुआ था । परमाणु हमले की उसकी गीदड़ भभकी की पोल खुल चुकी थी, उसे युद्ध का डर सताने लगा था और भारत की सैन्य ताकत का उसे अंदाजा है । साथ ही सैनिक की बहदुरी तो वो देख ही चुका है कि किस प्रकार भारत के 12 मिराज विमान उसकी सीमा में घुसे और बम गिरा कर वापस आ गए। कितने लोग मरे यह असली बात नहीं है। असली बात है भारतीय वायुसेना की ताकत जिसमें वे सीमा से 80 की0 मी0 चुपके से घुस गए और सकुशल वापस आ गए। एक MIG-21 ने F-16 को मार गिराया। इससे पहले सर्जिकल स्ट्राइक वह देख चुका है।

भारतीय सेना की तनी हुई भृकुटी और ताकत के आगे पाकिस्तान ने घुटने टेक दिये हैं, इसलिए पाकिस्तान के सभी नेता और सैन्य अधिकारी अपने हर बयान में शांति की बात करते लगे । 1971 के बाद इससे पहले कभी भी पाकिस्तान को इतना गिड़गिड़ाता हुआ नहीं देखा गया था । इसका कुछ श्रेय विपक्षी भी ले सकते हैं ।

विपक्षी के पास भी है श्रेय लेने का मौका

ये सही है कि विंग कमांडर अभिनंदन की  रिहाई  एक बेहतरीन कूटनीति का नतीजा है लेकिन यह याद रखें कि कूटनीति बिना ताकत के कभी कामयाब नहीं होती है । भारतीय सेना की ताकत ने कूटनीति को और भी मजबूत बनाया और भारतीय सेना की यह ताकत मात्र मोदी सरकार के इन पाँच साल के कार्यकाल में नहीं आयी है । उसकी ताकत में पिछली हर सरकार का योगदान है । तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी के सहयोगी भी श्रेय के हकदार हैं। भारत के पिछले सभी प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री इस श्रेय के हकदार हैं। सेना की ताकत में हर भारतीय का योगदान है। लेकिन विपक्षी पार्टियाँ अपने हिस्से का श्रेय लेने के बजाय इस मौके पर भी नरेंद्र मोदी पर अनर्गल बयानबाजी कर अपना नुकसान कर रही है। और उन्हें एजेंडा सीमा पार बैठे स्टुडियो से मिलता है।

मुझे बहुत आश्चर्य होता है जब मैं पाकिस्तानी मीडिया के बयान और भारत के कुछ विपक्षी नेताओं के बयान में समानता देखता हूँ, उनकी बुद्धि पर तरस भी आता है । कितनी आसानी से वे एक साधारण प्रोपोगैंडा के जाल में फंस जाते हैं ! ऐसे लोग जब देश का कमान संभालेंगे तो कूटनीतिक मामले में तो पाकिस्तान उन्हें बच्चा बना देगा । उसके बाद दुनिया से बाकी बड़े देश जो कूटनीति के भी माहिर खिलाड़ी हैं उनसे कैसे निपटेंगे !

मैंने पिछले संपादकीय में लिखा था कि किस प्रकार पाकिस्तानी सेना की साजिश के तहत वहाँ की मीडिया हमारे देश में अपना प्रोपोगैंडा फैलाते हैं। वे विरोधियों को मुद्दा देते हैं जिसे यहाँ के कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी और विपक्षी नेता लपक लेते हैं हालांकि अपनी फजीहत करवाने के बाद उन्हें समझ आती है कि उन्होंने गलत बयानबाजी की थी । इसका मुख्य कारण है भारत की जनता अब पूरी तरह से जागरूक है । उनके पास सटीक और पक्की जानकारी पहले से होती है। वे विभिन्न श्रोतों से जानकारियाँ जुटा कर उनकी पुष्टि कर लेते हैं । जबकि हमारे कुछ  तथाकथित बुद्धिजीवी और विपक्षी नेताओं को अब भी यही लगता है कि वे जो बोलेंगे देश की जनता उसे मान लेगी, उनके पास पहले से कोई जानकारी नहीं होगी ।

जो लोग इमरान खान की तारीफ कर रहे हैं वे जान लें कि ये इमरान खान हैं जिसने अपने देश में हफीज सईद और मसूद अज़हर को न केवल पनाह दे रखा है बल्कि उसे हर वो सुविधा उपलब्ध करा रहा है जिससे वो भारत में आतंकी हमला करे और भारत को आतंकवाद के जरिये हराए ।

भले ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिये हों लेकिन वह सीमा पार से आतंकियों को भेजने में कोई कमी नहीं करेगा। अब आतंकी ही उसके आखिरी मददगार हैं जो अपने पेट पर बम बांधकर घुसेंगे और पाकिस्तान के लिए लड़ेंगे ।

हर भारतीयों को पाकिस्तानी प्रोपोगैंडा का शिकार होने वचना चाहिए। आप याद रखिए कि उन्हें पता है कि आप उन्हें देख रहे हैं।

झूठ तंत्र से भारतीयों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है पाकिस्तानी मीडिया

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Last updated: मार्च 15th, 2019 by Pankaj Chandravancee

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