ख़बरें दुर्गापुर की

एनआरसी के विरोध में मंच ने महकमा शासक को ज्ञापन सौंपा

इसी वर्ष बीते 30 जुलाई को असम में एनआरसी के तहत चालीस लाख से अधिक लोगों को देश की नागरिकता से वंचित किए जाने के खिलाफ गुरुवार को दुर्गापुर के नागरिक संगहति मंच की ओर से दुर्गापुर महकमा शासक कार्यालय के समक्ष प्रर्दशन कर महकमा शासक श्रीकांत पाली को ज्ञापन सौंपा गया।

मंच के तरफ शक्ति पदो वधकार, देवाशीष राय, पुलक गोस्वामी, शुभाष साहा ने कहा केंद्र की भाजपा सरकार दिनी-मजदूरी करने वाले मजदूरों को एक साजिश के तहत देश की नागरिकता से वंचित कर रही है। जो लोग इस देश में तीस से चालीस वर्षों से रहा रहे है और मजदूरी कर अपने संसार को चला रहें हैं। उन लोगों को नागरिकता देने से इंकार कर रही है।

सरकार को मालूम होना चाहिए कि बंगलादेश का विभाजन तीन भागों में हुआ था, जिसमें असम भी एक हिस्सा है। असम अब भारत में है। विभाजन के समय अनेक लोग रोजगार के लिए असम में ही रहें गए थे। जिन लोगों को नागरिकता मिलना चाहिए उन लोगों का नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर विचार करनें की जरूरत है।

उच्च न्यायलय द्वारा याचिका स्थगन के बाद पूजा कमिटियो को बाँटे जा रहे है अनुदान राशि

राज्य सरकार की ओर से इस बार दुर्गा पूजा कमेटियों को अनुदान राशि देने का निर्णय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ली गई थी और 11 सितंबर को नेताजी इनडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री ने घोषणा भी किया था कि पूजा कमेटियों को 10,000 रुपये का चेक दिया जाएगा. इसके अलावा कहा कि विद्युत में भी कोई पैसा नहीं लगेगा तथा सरकारी फीस भी नहीं ली जाएगी.

इसके बाद ही हाई कोर्ट में दो वकील के द्वारा जनहित का मामला बताते हुए याचिका दायर किया गया था और कहा गया था कि सरकार का पैसा इस तरह के धर्म के नाम पर नहीं दे सकती है यह संविधान के विरुद्ध है. इसके बाद ही हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय को स्थगित करने का फैसला लिया था. इस मामले में हाईकोर्ट के न्यायधीश देवाशीष गुप्ता और संपा सरकार के डिवीजन बेंच ने बताया कि यह राज्य सरकार का मामला है, इसमें हम लोग हस्तक्षेप नहीं कर सकते है.

कारण सरकार का पैसा एक बार निकल जाने से उसे फिर वापस नहीं लिया जा सकता. इस घोषणा के बाद आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के तहत दुर्गापुर के विभिन्न थाना के प्रभारियों को एक साथ लेकर पूजा कमेटी के कार्यकर्ताओं के हाथ में 10,000 रुपये का चेक डीसी अभिषेक मोदी ने सौंपा. कुछ पूजा कमेटियों से बात करने पर पता चला कि इस बार विद्युत तथा सरकारी लाइसेंस पर जो छूट दी गई है, इससे पूजा कमेटियों को काफी राहत मिली है. पूजा आयोजको ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया क्योंकि विद्युत लेने में बहुत तरह के असुविधाओं का सामना करना पड़ता था जो इस बार बहुत आसानी से हो सका और इस तरह के कार्य को सराहा भी.

पूजा आयोजन में महिलाओं की होती है पूर्ण भागीदारी

बृहस्पतिवार की शाम को आंतरिक महिला पूजा कमेटी द्वारा दुर्गा प्रतिमा मनसा ताला प्राइमरी स्कूल के मंडप में ले जाया गया. महिला अंतरिक्ष पूजा कमेटी की सचिव बैशाखी बैनर्जी ने बताया कि इस बार पूजा का 5वां है, यह पूजा महिलाओं द्वारा संचालित की जाती है. इलाके की महिलाओं को एक साथ लेकर पूजा का आयोजन किया जाता है. इसमें पूर्णरूप से महिलाओं की भागीदारी रहती है.

सभी कामों में महिलायेंं ही जाती है. इस बार दुर्गा पूजा उद्घाटन महिला सेलिब्रिटी द्वारा किया जाएगा. प्रत्येक वर्ष सेलिब्रिटी के द्वारा ही उद्घाटन की जाती है. इस बार भी धूमधाम से पूजा का उद्घाटन किया जाएगा. इस मौके पर इलाके के समाजसेवी पल्लव बनर्जी, पूजा कमेटी की अध्यक्ष रेवा दत्त, आरती गोराई, मंजू कुंडू, कुसुम कर्मकार आदि कार्यकर्ता मौजूद थी.

Last updated: अक्टूबर 11th, 2018 by Durgapur Correspondent


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