मैथन। मैथन ओपी क्षेत्र के प्रोफेसर कॉलोनी निवासी मिथुन कुमार की मौत के 18 दिन बीत जाने के बावजूद मैथन पुलिस अभी तक मौत के कारणों का पता नहीं लगा पाई है। 14 अक्टूबर को बराकर नदी से मिथुन का शव बरामद हुआ था, जिसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे। न्याय की आस में परिजनों की आँखें पथरा गई हैं, जबकि पुलिस अभी भी जांच के अंधेरे में है।
सूत्रों के अनुसार, शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मैथन पुलिस में नामजद मुकदमा भी दर्ज कराया था। परिजनों का आरोप है कि मिथुन के दोस्तों ने ही उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया। घटना के बाद से ही पुलिस लापता मिथुन के दोस्तों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम भी कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर चोटों के निशान की पुष्टि हुई है, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है। एसडीपीओ रजत माणिक बाखला पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस की जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही असली गुनहगार बेनकाब होंगे और उनके बेटे को न्याय मिलेगा।

