नहीं जानते होंगे आप उड़ान स्कीम के तहत शुरू हुई दुर्गापुर(अंडाल) से मुंबई की दैनिक हवाई सेवा की ये प्रमुख बातें

रानीगंज। पश्चिम बंगाल के कोयलाञ्चल शिल्पाँचल व झारखंड के लोग अब मुंबई तक की सस्ती हवाई सेवा का फायदा ले सकेंगे । स्‍पासइ जेट एयरलाइन ने अंडाल से मुंबई के बीच दैनिक उड़ान की शुरूआत मंगलवार से कर दी है. स्‍पाइस जेट ने इस फ्लाइट की शुरूआत ‘उड़े देश का आम नागरिक’ यानि ‘उड़ान’ स्‍कीम के तहत की है.

एयरलाइंस के प्रवक्‍ता के अनुसार, इस स्‍कीम के तहत, स्‍पाइस जेट एयरलाइन का दुर्गापुर 13वां गंतव्‍य एयरपोर्ट है. स्‍पाइस जेट एयरलाइन उड़ान स्‍कीम के तहत मौजूदा समय में कुल 45 फ्लाइट्स का परिचाल नकर रही है. उल्‍लेखनीय है कि अंडाल से हवाई सेवा शुरू करने वाले स्‍पाइस जेट पहली एयरलाइन है.

उन्‍होंने बताया कि एयरलाइंस द्वारा दुर्गापुर से मुंबई के बीच शुरू की गई यह फ्लाइट दैनिक उड़ान होगी. यह फ्लाइट मुंबई एयरपोर्ट से सुबह 7:50 बजे उड़ान भरेगी. करीब 2.15 घंटे में दोनों शहरों के बीच की दूरी तय कर यह फ्लाइट सुबह 10:05 बजे अंडाल पहुँचेगी. मुंबई से अंडाल जाने वाली फ्लाइट का कोड एसजी 6354 होगा.

स्‍पाइस जेट के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि दुर्गापुर से मुंबई जाने वाली फ्लाइट का कोड एसजी-6355 होगा. यह फ्लाइट अंडाल/दुर्गापुर से सुबह करीब 10:45 बजे उड़ान भरेगी और दोपहर करीब 01:03 बजे मुंबई एयरपोर्ट पहुँचेगी. उन्‍होंने बताया कि मुंबई से अंडाल के लिए उड़ान भरने वाली पहली फ्लाइट मंगलवार की सुबह मुंबई से रवाना हुई.

वर्तमान में दुर्गापुर/अंडाल से मुंबई का हवाई किराया 3,497 रुपया (कंपनी की वेबसाइट के अनुसार) तय किया गया है । जबकि कोलकाता से मुंबई के लिए बिना स्कीम वाली न्यूनतम हवाई किराया है करीब 6,749 रुपए । बिना स्कीम वाली उड़ानों का किराया समय और तिथि के अनुसार बदलता रहता है लेकिन उड़ान स्कीम के किराए की कीमत स्थिर रखी गयी है ।

क्या है उड़ान स्कीम

उड़ान भारत सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना है जिसके तहत भारत के छोटे शहरों के हवाई अड्डों को बड़े शहरों से जोड़ने की योजना है । इसके लिए विमानन कंपनियों को कई तरह की सब्सिडी दी जाएगी । उड़ान स्कीम की कुछ महत्त्वपूर्ण बिंदु –

  • यह केंद्र और राज्य के समझौते के तहत शुरू किया गया है जिसमें विमानन कंपनियों को होने वाले घाटे को केंद्र और राज्य मिलकर वहन करेंगे ।
  • राज्य 20 प्रतिशत वहन करेगी और बाकी के 80 प्रतिशत केंद्र वहन करेगी ।
  • घाटे की रकम को भरने के लिए बिना स्कीम वाली उड़ानों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है।
  • जीएसटी में केंद्र और राज्य दोनों ही छुट देगी और इसे न्यूनतम 1 प्रतिशत पर लाने की योजना है ।
  • एयरपोर्ट विमानन कंपनियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेगी ।
  • केंद्र और राज्य हवाई किराए पर किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाएगी।
  • यह योजना दस वर्षों के लिए लागू की गयी है ।
  • इसका उद्देश्य है , छोटे शहरों से हवाई यात्री की संख्या बढ़ाना जिससे विमानन कंपनियाँ बिना किसी सब्सिडी के अपनी सेवा दे पाये ।

कुल मिलाकर कहें तो उड़ान स्कीम के तहत सस्ती सेवा देने के लिए जो सब्सिडी दी जा रही है उसका कुछ हिस्सा बिना स्कीम वाली हवाई यात्रा करने वाले लोग भरते हैं, कुछ एयरपोर्ट कंपनी भरती है और कुछ देश की जनता क्योंकि जो जीएसटी में छुट दी जाती है वो सरकार अर्थात देश का पैसा होता है । एयरपोर्ट कंपनियाँ भी जब घाटे में चली जाती है तो उसे भी सरकार वित्तीय सहायता या छूट देकर उबारती है वह भी देश का पैसा होता है । उदाहरण के लिए अंडाल एयरपोर्ट (काजी नज़रुल इस्लाम एयरपोर्ट) भी घाटे में ही चल रही है और राज्य सरकार की कई प्रकार की वित्तीय सहायता से ही इसे चलाया जा रहा है ।

Last updated: जून 25th, 2019 by News Desk Monday Morning
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