हड़ताल के दूसरे दिन भी माकपा कार्यकर्ता एवं पुलिस के साथ धक्का-मुक्की 

केंद्रीय श्रम संगठनों द्वारा बुलाए गए दो दिवसीय हड़ताल के दौरान बुधवार को रानीगंज माकपा के द्वारा सियारसोल मोड़ पर किए जा रहे रास्ता अवरोध के तहत वाहनों को रोके जाने एवं पुलिस द्वारा मना किए जाने के दौरान रानीगंज पुलिस तथा माकपा कार्यकर्ताओं में वाद-विवाद हुई।

पुलिस के मना करने के बावजूद भी वाहनों को रोके जाने को देखते हुए पुलिस ने रानीगंज के विधायक रुनु दत्ता, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनूप मित्रा, सीटू नेता किशोर घटक सहित अन्य माकपा कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की कर सड़क के किनारे कर दिया। तत्पश्चात वाहनों का आवागमन सुचारु किया गया। इस मौके पर एसीपी सेंट्रल आलोक मित्रा, रानीगंज थाना प्रभारी सुब्रतो घोष, पंजाबी मोड़ फाड़ि प्रभारी मोइनुल हक, नीमचा फाड़ि प्रभारी विजय दलपती सहित काफी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे।

सीयारसोल मोड़ से पंजाबी मोड़ तक माकपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों द्वारा एक जुलूस भी निकाली गई। इस प्रदर्शन में सीटू नेता देवीदास बनर्जी, डीवाईएफआई नेता हेमंत प्रभाकर, संजय प्रमाणिक, प्रदीप दास सहित काफी संख्या में माकपा के महिला समिति एसएफआई सहित अन्य ईकाई के काफी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित थे। इस मौके पर रुनु दत्ता ने कहा कि जनता तथा श्रमिकों ने दो दिवसीय धर्मघट का खुलकर समर्थन किया।

रानीगंज बाजार दूसरे दिन भी बंद रहा। बैंक तथा सरकारी कार्यालय भी बंद रही। उन्होंने कहा कि मुझे आश्चर्य होता है यहाँ की पुलिस की भूमिका को देखकर, केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध श्रम संगठनों द्वारा किया जा रहा है जबकि पुलिस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आदेश पर विरोध प्रदर्शन करने वालों के साथ मारपीट तथा गिरफ्तार कर रही। कुनुस्तोरिया एरिया अंतर्गत बांसड़ा कोलियरी को छोड़कर अन्य सभी कोलियरी खुली रही।

हालांकि अन्य दिनों की अपेक्षा उत्पादन कम रही। वहीं बुधवार को रानीगंज तथा जामुड़िया बाजार खुली रही पर मिनी बस तथा सरकारी बस बंद रही। जिसके कारण बाजार पर असर देखी गई। हालांकि दोपहर तक अधिकांश दुकानें खुली रही पर ग्राहकों की कमी के कारण दोपहर के बाद दुकानों के शटर गिरने आरंभ हो गए।

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Last updated: जनवरी 9th, 2019 by Raniganj correspondent